Browsing: मोहनसिंहजी रतनू

सोरठाभैरु भुरजालाह, दिगपाला बड दैव तूं।रहजै रखवालाह, नाकोडा वाला निकट।। छंद त्रिभंगीनाकोडा वाला, थान निराला, भाखर माला बिच भाला।कर रुप…

हेप्पी हैप्पी हुवै दिवाली, हैप्पी हैप्पी हुवै दिवाली, चमचम करती किसमत चमकै, चमकै गगन मुलकता तारा। घर घर हो दिवलै…

गीत बल्लू जी चांपावत रो गीत प्रहास साणोर विजड ऊठियो धूण गिरमेर रो बहादुर, पछै म्हे कदे अवसाण पावां। अमर…