Browsing: मूलदान चारण

“कोध्र न करें” हम जानते हे कि अगर आग के पास जाते है तो आग से हमे बहुत…

“मातृभूमि का फर्ज” मैं मातृभूमि का कर्ज चुकाने लोक जगत मे आया हूँ मैं अपने वतन की बीती बातो को…

सज राख सलामत जीवन को निज आज बनावट आगन मैं। कर काम कलूखत धाट धरा उर निजपन पावस पावत हैं।।…