Author: शंकरदान देथा लिमड़ी

अंग्रेजी कहावत ‘Poets are born, not a made’ अर्थात् “कवित्वशक्ति जन्मजात होती है, सिखायी नहीं जाती’, वाली बात को गलत सिद्ध करनेवाली, अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त’ रा’ओ लखपत व्रजभाषा पाठशाला में कवि – प्रतिभा प्राप्त करनेवाले जिज्ञासु छात्रों को काव्यशास्त्र के अभ्यास की ओर रुचि पैदा हो ऐसी शिक्षा का प्रबन्ध करवाया जाता था, जिसके फलस्वरूप सर्जक प्रतिभाएं स्वयं प्रकाशित होकर बाहर आ सकती थी। कई ऐसी उच्च कोटि की सर्जक – प्रतिभाओं को प्रकाशित करने में इस संस्था का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इसी पाठशाला में रहकर अध्ययन करनेवाले लब्ध – प्रतिष्ठित साहित्यकार कवीश्वर दलपतराम डाह्याभाई के यशस्वी पुत्र…

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