March 20, 2023

गौरवान्वित सेना, रचना–राजेन्द्रदांन (कवि राजन) झणकली

एक एक सूं ही आगला सैनिक हिन्द सूरवीर।
आतंकवादी असुर नों चुन चुन मारे चीर।।
बुद्धि अपरबल बहादुरी देश प्रेम मन धरे।
हद रुखाळण हिन्द री निश दिन मोत लड़े।।
निश्चिंत हम सोवे नींद मों जद जागे जबरेळ।
भारत माँ रा भोमिया बबर शेर बबरेळ।।
छंद त्रिभंगी
सीमा रा सूरा बहादुर पूरा भाँगत भूरा भुरजाळा
नयनों रत नूरा हाक हजुरा दुश्मन दूरा दपटाळा
हिम्मत रा हूरा टेंकन तूरा पावन पूरा परचाळा
धन धन हिन्द वाळा सीम रुखाळा जळ थळ वाळा नभ आळा जी जोर घणा ए जोराळा,,,,,,,1 

जय जय रणवीरा गगन गम्भीरा हिन्द रा हीरा सब भाई
गाजे घन घोरा चालत चीरा अगन अंगीरा अब खाई
पीरों रा पीरा होय अधीरा जीत जखीरा जबराळा
धन धन हिन्द वाळा सीम रुखाळा जळ थळ वाळा नभ आळा जी जोर घणा ए जोराळा,,,,,,,,2

सर हिन्द को सग्गा करत अलग्गा तुरकम तग्गा तग तग्गा
दुश्मी कर दग्गा असुर अथग्गा लावण लग्गा लगभग्गा
पलटण कर पग्गा टेंकन टग्गा भाँगत भग्गा भरमाळा
धन धन हिन्द वाळा सीम रुखाळा जळ थळ वाळा नभ आळा जी जोर घणा ए जोराळा,,,,,3

हिन्द सेना वाळा हिम्मत आळा भारत माँ रा भुरजाळा
मिसाइल माळा तोफों ताळा जंगो जाळा जोराळा
भेरू भुरजाळा क्रोधन काळा मूंछो आळा मतवाळा
धन धन हिन्द वाळा सीम रुखाळा जळ थळ वाळा नभ आळा,,,,,,4

जनता भय हरणा दंगा दळणा रक्षा करणा अघ हरणा
भारत जय करणा चिंता चरणा आतंक असुर ना मग मरणा
पब्लिक सुख शरणा सीम सहरणा घुस पैठ हरणा हदवाळा
धन धन हिन्द वाळा सीम रुखाळा जळ थळ वाला नभ आळा,,,,,,5

भारत नों आतंकवादी उगरोवादी नकसलवादी नोंचे है
अलगावोवादी माओवादी मारकवादी सोचे है
वादी दर वादी असुर आवादी पलटन वादी परवाळा
धन धन हिन्द वाळा सीम रुखाळा जळ थळ वाला नभ आळा,,,,,,,6

सरजीकल शंका जबरन जंका अरिदळ अंका असवारी
नाहर निशंका बण रण बंका शेलम शंका सतधारी
घुस जावत घँका चुन चुन चंका भाँगत भंका भुरजाळा
धन धन हिन्द वाळा सीम रुखाळा जळ थळ वाळा नभ आला,,,,,7

हम हिंदुस्तानी मोज करानी सीम रुखानी सेनानी
सीमा पर सानी छानी छानी वीर जवानी फोजानी
कवि राजन मानी सदा सहानी मात भवानी मतवाळा
धन धन हिन्द वाळा सीम रुखाळा जळ थळ वाळा नभ आळा जी जोर घणा ए जोराळा,,,,,,8
छपय
सैनिक हिन्द है सबळ वीर घणा वरदाळा
पहुमी रुखालण प्रबळ भारत आळा भुरजाळा।
भारत माँ रा भोमिया चौकस रेवे चिरताळा
आंच न आवे अवनी पर जद जागे जबराळा
सबसूं जबर संसार मो सेना हिन्द सरताज।
सारावे कवि राजन सदा परमवीर परवाज।।
कवि राजन झणकली कृत देशभक्ति छंद

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